

समाज परिवर्तन, कुटुम्ब प्रबोधन और महिला सशक्तिकरण पर हुआ सारगर्भित विचार-विमर्श
शहपुरा (डिण्डौरी)।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इसके अनुशांगिक संगठनों द्वारा पूरे देश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में सरस्वती शिशु उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शहपुरा में “सप्तशक्ति संगम” विषय पर प्रेरणादायी विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नारी शक्ति की जागृति, कुटुम्ब प्रबोधन तथा समृद्ध भारत निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प को सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मालती उसराठे ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त आईएएस कृष्णा कुमरे उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संयोजन उषा गुलवानी ने किया।
मुख्य वक्ता पूजा सोनी ने “कुटुम्ब प्रबोधन एवं पर्यावरण” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार समाज की प्रथम पाठशाला है। यदि हर परिवार संस्कारवान और पर्यावरण-संवेदनशील बनेगा तो समाज और राष्ट्र स्वतः सशक्त होगा।
दूसरी मुख्य वक्ता रानी गुप्ता ने “भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका” विषय पर कहा कि महिला केवल परिवार की धुरी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सशक्त आधारशिला है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, संस्कृति और सेवा के माध्यम से महिलाएं समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं।
कार्यक्रम में 200 से अधिक महिलाएं उपस्थित रहीं, जिन्होंने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ सहभागिता की।
विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें “सप्तशक्ति” — श्रद्धा, सेवा, संस्कार, संगठन, समर्पण, संयम और सदाचार — का भावपूर्ण प्रदर्शन किया गया।
मंच संचालन विद्यालय की आचार्या अनामिका साहू ने किया, जिन्होंने अपने प्रभावशाली संचालन से कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा। कार्यक्रम में रितु अमर साहू, उषा अग्रवाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य रविशंकर साहू ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर आयोजित यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक चेतना, नारी सशक्तिकरण और सांस्कृतिक एकता का सशक्त संदेश देता है।
कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय परिवार एवं विवेकानंद बाल कल्याण समिति, शहपुरा के पदाधिकारियों व सदस्यों द्वारा किया गया।



