शासकीय संजय निकुंज उद्यान करौंदी के माली बलजीत सिंह ठाकुर 38 वर्ष 7 माह की सेवाओं के बाद हुए सेवानिवृत्त

शासकीय संजय निकुंज उद्यान करौंदी के माली बलजीत सिंह ठाकुर 38 वर्ष 7 माह की सेवाओं के बाद हुए सेवानिवृत्त


उद्यान परिसर में आयोजित गरिमामय विदाई समारोह, अधिकारियों-कर्मचारियों व ग्रामीणों की रही विशेष उपस्थिति

डिण्डौरी।
शासकीय संजय निकुंज उद्यान करौंदी (शहपुरा) में दशकों तक अपनी सेवाएं देने वाले माली बलजीत सिंह ठाकुर ने शनिवार को अपनी शासकीय सेवा की अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्ति प्राप्त की। इस अवसर पर उद्यान परिसर में एक गरिमामय एवं भावभीनी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में उद्यानिकी विभाग के जिला स्तर के अधिकारी, स्थानीय अधिकारी-कर्मचारी, सहकर्मी तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में उनके लंबे, निष्ठावान और अनुकरणीय सेवाकाल की सराहना की।

सेवा की शुरुआत और निरंतरता

बलजीत सिंह ठाकुर ने 25 जून 1987 को उद्यानिकी विभाग में अपनी शासकीय सेवा की शुरुआत की थी। उल्लेखनीय तथ्य यह है कि वे अपने पूरे सेवाकाल के दौरान संजय निकुंज उद्यान करौंदी में ही पदस्थ रहे। लगभग 38 वर्ष 7 माह तक उन्होंने एक ही स्थान पर रहकर विभागीय दायित्वों का निर्वहन किया, जो अपने आप में उनकी प्रतिबद्धता, स्थायित्व और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है। इस लंबे समय में उन्होंने बदलते दौर, संसाधनों की सीमाओं और विभिन्न चुनौतियों के बीच भी अपने कार्य को पूरी ईमानदारी से निभाया।

उद्यान के विकास में योगदान

अपने सेवाकाल के दौरान बलजीत सिंह ठाकुर ने संजय निकुंज उद्यान के संरक्षण, रख-रखाव और सौंदर्यीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पौधों की देखरेख, हरियाली का विस्तार, स्वच्छता बनाए रखना और आगंतुकों के लिए उद्यान को आकर्षक बनाए रखना उनके दैनिक कार्यों का हिस्सा रहा। उनके परिश्रम और लगन का परिणाम यह रहा कि संजय निकुंज उद्यान न केवल स्थानीय लोगों के लिए सुकून का स्थान बना, बल्कि क्षेत्र की पहचान के रूप में भी विकसित हुआ।

सरल स्वभाव और कार्यशैली

समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने बलजीत सिंह ठाकुर के सरल, सौम्य और मिलनसार स्वभाव की विशेष रूप से प्रशंसा की। सहकर्मियों ने बताया कि वे हमेशा सहयोग की भावना से काम करते रहे और अपने अनुभव को दूसरों के साथ साझा करने में कभी पीछे नहीं रहे। अधिकारियों के निर्देशों का पालन, समय पर कार्य पूर्ण करना और जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहना उनकी कार्यशैली की पहचान रही। यही कारण रहा कि वे विभाग और ग्रामीण समाज दोनों के बीच सम्मान के पात्र बने।

भावभीनी विदाई और सम्मान

विदाई समारोह के दौरान उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामवासियों ने बलजीत सिंह ठाकुर को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। वक्ताओं ने उनके सेवाकाल को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी के कर्मचारियों को उनसे सीख लेने की आवश्यकता है। पूरे कार्यक्रम के दौरान भावनात्मक माहौल बना रहा, जहां कई लोगों ने उनके साथ बिताए गए वर्षों की यादें साझा कीं।

भविष्य के लिए शुभकामनाएं

समारोह के अंत में सभी ने बलजीत सिंह ठाकुर के स्वस्थ, सुखमय और सम्मानपूर्ण भविष्य की मंगलकामना की। सेवानिवृत्त होते हुए बलजीत सिंह ठाकुर ने भी अपने उद्बोधन में विभाग, अधिकारियों, सहकर्मियों और ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सेवा के दौरान मिले सहयोग और स्नेह को वे जीवनभर याद रखेंगे। कार्यक्रम का समापन आत्मीय वातावरण और शुभकामनाओं के साथ हुआ, जिसने इस विदाई को स्मरणीय बना दिया।

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