
सिलगी नदी तट की ददरा पहाड़ी पर आम, अमरूद, कटहल, आंवला के पौधे लगाए गए

विधिक सेवा समिति शहपुरा, अधिवक्ता संघ शहपुरा, भारतीय किसान संघ, डीएसएस मध्यप्रदेश, पटवारी संघ, ओंकारा दल, ग्राम पंचायत करौंदी, स्वास्थ्य विभाग का विशेष योगदान
शहपुरा डिण्डौरी। स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर करौंदी ग्राम स्थित सिलगी नदी तट की सुरम्य ददरा पहाड़ी पर एक भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस विशेष अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विधिक सेवा समिति शहपुरा, अधिवक्ता संघ शहपुरा, भारतीय किसान संघ, डीएसएस मध्यप्रदेश, पटवारी संघ, ओंकारा दल, ग्राम पंचायत करौंदी, स्वास्थ्य विभाग के सदस्यों ने श्रमवल का उपयोग आम,अमरूद,कटहल और आंवला सहित लगभग 1000 फलदार पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शहपुरा व्यवहार न्यायालय के न्यायाधीश करनल सिंह श्याम एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट दिलीप पाटिल, अधिवक्ता संघ शहपुरा के अध्यक्ष अधिवक्ता दयाराम साहू, भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष बिहारीलाल साहू ,क्षेत्र के विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, पूर्व विधायक भूपेंद्र सिंह मरावी, एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा, पटवारी संघ प्रदेशाध्यक्ष सोहन साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व में 1000 पौधों का रोपण किया गया जिसके बाद इस बगीचा का नाम “स्वतंत्र कर्नल वाटिका करौंदी” रखा गया जिसके संरक्षण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत करौंदी एवं टीम डीएसएस के युवाओं ने लिया है और इस वाटिका को हरा-भरा करना है ।
पौधारोपण कार्यक्रम में ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। इस दौरान वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि मानव जीवन के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व हरित वातावरण का आधार बनेगी।
विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कहा कि “यदि प्रत्येक व्यक्ति हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो हम अपने क्षेत्र को हरियाली से आच्छादित कर सकते हैं।” वहीं, न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम ने पौधारोपण को एक सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए इसे जनआंदोलन बनाने की अपील की।
ददरा पहाड़ी पर हुआ यह पौधारोपण कार्यक्रम न केवल स्वतंत्रता दिवस की गरिमा बढ़ाने वाला रहा, बल्कि प्रकृति के प्रति लोगों की संवेदनशीलता और सामूहिक प्रयास का भी उदाहरण बना।
पौधारोपण हम करेंगे हम करेंगे…
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