
जनसुनवाई कार्यक्रम में शिकायत का निराकरण नहीं*
जिला कलेक्टर डिंडोरी के निर्देशन में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन प्रत्येक मंगलवार के दिन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत किया जाता है जिसमें जिले के सम स्त ब्लॉक अंतर्गत लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाता है। और जो निराकरण जांच योग्य होते हैं उन पर जांच उपरांत निराकरण करने का प्रावधान निहित है। लेकिन शाहपुरा ब्लॉक अंतर्गत गुरैया निवासी श्री तीरथ प्रसाद झारिया द्वारा 1 जुलाई 2025 दिन मंगलवार को जनसुनवाई कार्यक्रम में उपस्थित होकर डॉक्टर सत्येंद्र परस्ते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुरा के द्वारा करोड़ों रुपए के किए गए भ्रष्टाचार एवं अनेकों विभागीय अनियमितता संबंधी आवेदन प्रस्तुत करने के उपरांत भी आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की ना ही कोई जांच हुई और ना ही कोई जांच प्रतिवेदन ही प्रस्तुत किया गया।
*जांच समिति संदेह के घेरे में*
जिला कलेक्टर श्रीमति नेहा मारब्या द्वारा जिला स्वास्थ्य अधिकारी को जांच समिति गठित करने एवं जांच कर, प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देशित किया था। जांच समिति में डॉक्टर रमेश मरावी द्वारा डी एच ओ डॉक्टर ममता दीवान एवं अन्य पदाधिकारी को निर्देशित किया कि डॉक्टर सत्येंद्र परस्ते द्वारा किए गए भ्रष्टाचार एवं विभागीय अनियमितता की जांच कर, जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिला चिकित्सालय डिंडोरी के पदाधिकारी डी एच ओ डॉक्टर ममता दीवान व अन्य द्वारा आज दिनांक तक किसी भी प्रकार का जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है। और ना ही जिला कलेक्टर को सूचित ही किया गया है। डॉ सत्येंद्र परस्ते के राजनीतिक दबाव के चलते जांच समिति अपना रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर पा रही है।जांच समिति ने 1 माह से ऊपर हो जाने पर भी अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किया है, जो उच्चाधिकारियों की भ्रष्ट कार्यशैली को दर्शाता है ।
*नियमों के विपरीत दी गई पदोन्नति* डॉ सत्येंद्र परस्ते पिछले कई वर्षों से शाहपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ रहते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त हैं जिनकी कई विभागीय जांच कई वर्षों से चल रही है परंतु अपने पदेन शक्तियों एवं रसूख का दुरुपयोग करके न सिर्फ अपने पद पर बने हुए हैं बल्कि शासन स्तर पर गलत जानकारी भिजवा कर पदोन्नत भी हो गए हैं। जबकि शासन की गाइडलाइन में स्पष्ट उल्लेखित है कि यदि किसी अधिकारी की विभागीय एवं कानूनी जांच चल रही है तो उसे पदोन्नति नहीं दी जा सकती। लेकिन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डिंडोरी से सांठ गांठ करके इनके द्वारा गलत जानकारी एवं सी आर रिपोर्ट भिजवाकर भ्रष्टाचार करते हुए पदोन्नति भी प्राप्त कर चुके हैं जो पूर्णतः नियम विरुद्ध है।
*संभागीय आयुक्त से शिकायत*
आवेदक एवं शाहपुरा निवासी श्री मनीष साहू द्वारा दिनांक 7 अगस्त 2025 को शाहपुरा विकासखंड दौरा में आए संभागीय आयुक्त जबलपुर को डॉक्टर सत्येंद्र परस्ते के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार एवं विभागीय अनियमितता,शासकीय राशि का दुरुपयोग की जांच वास्ते शिकायती आवेदन दिया गया। जिसमें संभागीय आयुक्त महोदय द्वारा कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।अब देखना होगा कि संभागीय आयुक्त को किए शिकायत उपरांत भी डॉक्टर सत्येंद्र परस्ते द्वारा किए गए भ्रष्टाचार एवं अनियमितता की जिले के स्वास्थ्य पदाधिकारी द्वारा जांच कर जिला कलेक्टर को प्रति वेदित किया जाता है या नहीं ? डॉक्टर सत्येंद्र परस्ते रसूख के दम पर करोड़ों का भ्रष्टाचार करते हुए विगत कई वर्षों से शाहपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डटे हुए हैं । जिसने भ्रष्टाचार करते हुए अकूत संपत्ति के बल पर जिले से लेकर राजधानी तक अपनी राजनीतिक घुसपैठ बना रखी है जिसके चलते आज दिनांक तक उनकी जांच नहीं हुई। जबकि उनकी पिछली तीन-चार शिकायतें विभागीय लंबित पड़ी है। साथ ही उनके विरुद्ध अस्पताल में पदस्थ महिला कर्मचारी द्वारा छेड़छाड़ का मुकदमा भी शाहपुरा थाने में पंजीबद्ध है।
*पूर्व की शिकायतों का अभी तक निराकरण नहीं*
पूर्व में भी तीन चार शिकायत होने पर तत्कालीन जिला कलेक्टर द्वारा जांच समिति गठित कराई गई थी जिसमें डॉक्टर बृजेश ठाकुर, डॉक्टर ममता दीवान एवं डॉक्टर अनुश्री मरावी द्वारा जांच की गई थी ।और जांच समिति द्वारा प्रतिवेदन जिला चिकित्सालय डिंडोरी के प्रमुख डॉक्टर रमेश मरावी को प्रस्तुत कर दिया था। लेकिन डॉ रमेश मरावी जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा जांच रिपोर्ट विभागीय उच्चाधिकारियों एवं कलेक्टर महोदय को प्रेषित नहीं किया गया है। आखिर क्यों जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत न कर डॉ सत्येंद्र परस्ते को बचाया जा रहा है? जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार संबंधी जांच प्रतिवेदन को अपने पास दो — तीन वर्षो से रखने का क्या आशय है? यह इसी बात से समझ में आता है कि डॉक्टर सत्येंद्र परस्ते की पहुंच कितनी है ? सूत्र यह भी बताते हैं कि जब से जनसुनवाई कार्यक्रम में शिकायत की गई है तब से डॉक्टर सत्येंद्र परस्ते के द्वारा जांच किए जाने वाले बिंदु के साक्ष्य के लिए अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को रोगी कल्याण समिति की पर्ची, उपस्थिति पंजी और अन्य साक्ष्य को जुटाने में लगा रखा है। इनके द्वारा शासकीय दस्तावेजों में भी हेर फेर एवं कुछ दस्तावेजों को गायब करवा दिया गया है। जिनकी सूक्ष्मता से जांच होना अत्यंत आवश्यक है।
*क्षेत्रीय जनता की जिला प्रशासन से मांग*
जिला प्रशासन एवं संभागीय आयुक्त से शिकायतकर्ता के साथ ग्रामीण जनता ने निवेदन किया है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के कारण शाहपुरा की आंचलिक ग्रामीण जनता त्रस्त है और आम जनता को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पा रहा है जो अपने पद एवं रसूख का दुरुपयोग करके लगातार भ्रष्टाचार करते आ रहे हैं इनकी विभागीय जांच पूर्ण करवाकर उचित शासनात्मक दंडात्मक कार्यवाही करने की कृपा करें जिससे शाहपुरा तहसील की आम जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं का समुचित लाभ मिल सके।
हमने दो बार रिमाइंडर भेजा उनके द्वारा कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं हमें क्रॉस वेरिफिकेशन करना है और देखना है कि सही में कुछ गलत हुआ है या नहीं अभी और दस्तावेज उनके द्वारा भेजा जाना शेष है।
श्रीमती ममता दीवान डी एच ओ समुदायिक जिला चिकित्सालय डिंडोरी (म प्र)
मैं सीएमएचओ डॉक्टर रमेश मरावी को जांच प्रक्रिया (प्रतिवेदन) को आगे बढ़ाने के लिए निर्देशित करता हूं, वह जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
*डॉ संजय मिश्रा ज्वाइन डायरेक्टर, जबलपुर मध्य प्रदेश।*