
???? पक्षियों की आस्था: ऋण मुक्तेश्वर मंदिर पहुंचते ही गेट पर आ जाते हैं पक्षी, हरिहर पाराशर ने निभाया सेवा का अनूठा नियम

कुकर्रामठ, डिण्डौरी।
प्रकृति और श्रद्धा का अनोखा संगम देखने को मिलता है कुकर्रामठ स्थित ऋण मुक्तेश्वर मंदिर में, जहां हर दिन एक दृश्य लोगों को चकित कर देता है। जैसे ही गांव के श्रद्धालु हरिहर पाराशर मंदिर के गेट पर पहुंचते हैं, दर्जनों पक्षी स्वतः ही उनके पास आ जाते हैं। यह दृश्य अब नियमित हो चुका है।
हरिहर पाराशर ने बताया कि पिछले एक वर्ष से वे मंदिर जाते समय पक्षियों के लिए प्रतिदिन पारले-जी बिस्कुट का एक बंडल लेकर जाते हैं। जैसे ही वे मंदिर के द्वार पर पहुंचते हैं, पक्षी उनकी बाट जोहते हुए उड़ते हुए आते हैं और उनके इर्द-गिर्द मंडराने लगते हैं। यह दृश्य न केवल मन को भावविभोर कर देता है, बल्कि मानव और प्रकृति के बीच अदृश्य रिश्तों को भी उजागर करता है।
हरिहर कहते हैं —
“यह मेरे जीवन का नियम बन गया है। जब पहली बार पक्षी मेरे पास आए, तो मुझे लगा जैसे ईश्वर की कोई निशानी है। अब यह सेवा मेरे लिए पूजा के बराबर है।”
स्थानीय लोग भी इस दृश्य से प्रभावित हैं और कहते हैं कि ऋण मुक्तेश्वर मंदिर में एक विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा है, जो न केवल इंसानों को, बल्कि पक्षियों को भी अपनी ओर आकर्षित करती है।
गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि पहले कभी ऐसा नज़ारा नहीं देखा गया था। हरिहर जी की यह नित्य सेवा अब मंदिर परिसर की पहचान बन गई है। श्रद्धालु न केवल मंदिर दर्शन के लिए आते हैं, बल्कि इस पक्षी सेवा के अद्भुत दृश्य को देखने के लिए भी रुकते हैं।
यह घटना हमें यह सिखाती है कि श्रद्धा केवल ईश्वर की मूर्ति तक सीमित नहीं होती, बल्कि प्रकृति, जीव-जंतुओं और सभी प्राणियों की सेवा भी भक्ति का ही रूप है।