
बैगाचक के वैद्यों की जड़ी-बूटियों की लगाई गई प्रदर्शनी

भीमशंकर साहू की रिपोर्ट
डिण्डौरी। अच्छा स्वास्थ्य ही मानव जीवन को खुशहाल रखता है। बीमार पड़ने पर व्यक्ति सीधे अस्पतालों की ओर रुक करता है। लेकिन पुराने जमाने के लोग देसी जड़ी बूटियां पर ही आश्रित रहते हुए अपनी छोटी मोटी बीमारियों का इलाज खुद कर लेते थे या वैद्य के पास जाते थे।
डिंडोरी जिले में जड़ी बूटियां की असीमित संभावनाओं को देखते हुए। डिंडोरी जिले के कलेक्टर विकास मिश्रा ने अभिनव पहल करते हुए रविवार को बैगाचक चांड़ा में वैद्य शास्त्र कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें 40 वैद्य शामिल हुए और और अपनी जड़ी बूटियां की प्रदर्शनी लगाई साथ ही आवश्यकता पड़ने पर किस तरह से जड़ी बूटियां के द्वारा इलाज किया जाता है उसके बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर विकास मिश्रा ने सभी वैद्यों को मैडल और कंबल शाल पहनाकर सम्मानित किया और उनसे अनुरोध किया की अपनी ज्ञान विद्या को अपने परिवार के सदस्यों को सिखाएं ताकि आने वाले भविष्य में आयुर्वेदिक उपचार से आने वाली पीढ़ी को लाभ मिल सके क्योंकि आयुर्वेदिक चिकित्सा बहुत पुरानी इलाज पद्धति है।
वैद्यों की कार्यशाला जिला प्रशासन की एक विशेष पहल है जो एमपी में डिंडौरी जिले में वैद्यों को संरक्षित करने के उद्देश्य आयोजित की गई।