
जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने की तैयारी
डिण्डौरी जिले के किसानों का दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण, आधुनिक खेती की मिली ट्रेनिंग

डिण्डौरी/ अमरकंटक।
बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से किसानों को सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में Climate Resilient Agriculture Project के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इस परियोजना के अंतर्गत डिण्डौरी जिले के किसानों का दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य किसानों को जलवायु अनुकूल और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ना रहा। यह कार्यक्रम Borlaug Institute for South Asia (BISA) द्वारा राज्य के भीतर आयोजित किया गया।
KVK और IGNTU में मिला वैज्ञानिक खेती का ज्ञान
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) अनूपपुर एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU) अनूपपुर का भ्रमण कराया गया। यहां किसानों को कृषि अनुसंधान, प्रयोगात्मक फसलों और आधुनिक तकनीकों की प्रत्यक्ष जानकारी दी गई।
KVK के वैज्ञानिकों ने किसानों को विभिन्न फसलों की उन्नत एवं जलवायु सहनशील किस्मों, बदलते मौसम के अनुसार खेती की आधुनिक तकनीक, समय पर बुवाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा उचित और जल संरक्षण आधारित सिंचाई पद्धतियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।

कम लागत में अधिक उत्पादन पर दिया गया जोर
वैज्ञानिकों ने बताया कि जलवायु परिवर्तन को देखते हुए ऐसी तकनीकों को अपनाना आवश्यक है, जो कम पानी में अधिक उत्पादन दे सकें और खेती की लागत को भी कम करें। किसानों को खेतों में चल रहे अनुसंधान कार्यों और नवाचारों का प्रत्यक्ष अवलोकन भी कराया गया।
किसानों ने विशेषज्ञों से किया सीधा संवाद
भ्रमण के दौरान किसानों ने वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर अपनी खेती से जुड़ी समस्याओं, अनुभवों और जिज्ञासाओं को साझा किया। विशेषज्ञों द्वारा दिए गए व्यावहारिक सुझावों से किसानों को वैज्ञानिक, टिकाऊ और लाभकारी खेती अपनाने की प्रेरणा मिली।
आय बढ़ाने और खेती को सुरक्षित बनाने की पहल
इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य किसानों को जलवायु परिवर्तन के अनुरूप कृषि पद्धतियों से अवगत कराकर उनकी उत्पादन क्षमता और आय में वृद्धि करना है। आयोजकों के अनुसार इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य की खेती को सुरक्षित करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।