
वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र तंतवाय की रिपोर्ट

डिण्डौरी। जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट छाया हुआ है पानी के लिए ग्रामीण जन चक्काजाम तक कर रहे है तो वही दूसरी ओर डिण्डौरी से मण्डला तक सड़क निर्माण का कार्य हो रहा है जिसमें सड़क बनाने के लिए सड़क बनाने वाली कम्पनी रोजाना लगभग 20-25 टैंकर पानी से सड़क की सिंचाई कर रही है । किसलपुरी गांव में कम्पनी द्वारा एक प्राइवेट व्यक्ति के जमीन पर बोर करवाकर बोर से प्रतिदिन लगभग 20 से 25 टैंकर में पानी भरकर सड़क निर्माण कार्य में उपयोग किया जा रहा है । जिससे ग्राम के अन्य कई बोर में पानी आना ही बंद हो गया है। जिले के कलेक्टर विकास मिश्रा ने गर्मी के मौसम पर स्पष्ट निर्देश जारी किए है कि कोई भी निर्माण कार्य में जल का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा विशेष परिस्थितियों में जल का उपयोग निर्माण कार्य मे अनुमति के बाद ही उपयोग किया जा सकेगा लेकिन सड़क निर्माण करने वाली कम्पनी कलेक्टर के निर्देशों को धता बताते हुए बोर से पानी का उपयोग सड़क निर्माण कार्य मे कर रही है । कुछ दिनों पहले ग्राम पंचायत द्वारा जिस आदमी के जमीन पर बोर है उसे नोटिस भी दिया गया था कि टैंकरों में बोर से पानी न भरवाया जाये परंतु ग्राम पंचायत के नोटिस का कोई असर नहीं हुआ और लगातार रोजाना टैंकरों में पानी भरकर रोड निर्माण कार्य में डाला जा रहा है। ग्राम पंचायत की सरपंच ऊषा बनवासी ने बताया कि जहां से सड़क निर्माण करने वाली कम्पनी बोर से पानी ले रही है वही से कुछ दूरी पर ही ग्राम पंचायत का बोर है जिससे पूरे ग्राम पंचायत को पानी सप्लाई की जाती है रोजाना 20 से 25 टैंकर में बोर से पानी ले जाया जाता रहा तो कुछ दिनों में किसलपुरी पंचायत में ग्रामीणों को पानी नही मिल पायेगा । ग्राम पंचायत से नोटिस देने के बाद भी रोजाना लगातार टैंकरों में पानी भरकर रोड में डाला जा रहा है। जिला प्रशासन से ग्राम की सरपंच ऊषा बनवासी ने निवेदन किया है कि सड़क बनाने वाली कम्पनी बोर की अपेक्षा नदी नालों से पानी ले और जिला प्रशासन इनके बोर को बन्द कराए ।



