
डोर – टू – डोर सप्लाई ने पकड़ी रफ्तार – सतत निगरानी में होटल – ढाबे
डिण्डौरी। शराब के अवैध कारोबार को लेकर हमारे द्वारा सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित की जा रही है,लेकिन कारोबारी के मंसूबों का अंदाजा आप सहज ही लगा सकते हैं की उसने जिला मुख्यालय के सार्वजनिक स्थलों को ही शराब के अवैध कारोबार का ठिकाना बना लिया। जिसमे नगर का मुख्य बस स्टेंड , मस्जिद मोहल्ला वार्ड क्रमांक – 4, गणेश मंदिर के पास वार्ड क्रमांक=6,पुरानी डिंडोरी सब्जी मंडी ,कंपनी चौक पुरानी डिंडोरी, मंडला स्टेंड और समनापुर तिराहा आदि शामिल है। इसके अलावा डोर टू डोर सप्लाई अलग,जहां एक फोन घुमाते ही आपका मनपसंद ब्रांड आपके सामने चंद मिनटों ने हाजिर।
युवाओं के साथ परिजन भी शामिल — नर्मदा तट के युवाओं ने इसे रोजी रोजगार का जरिया तो बनाया ही ,लेकिन कुछ स्थान ऐसे भी हैं जहां इन युवाओं के परिजनों ने भी इस अवैध कारोबार को अतिरिक्त कमाई का जरिया बना लिया है। और फिर यहीं से एक – एक , दो – दो बोतलें मांग अनुसार दो पहिया वाहन के माध्यम से शराब के शौकीनो तक पहुंचा दी जाती है।
राष्ट्रध्वज को भी नही बख्शा — शराब के इस अवैध कारोबार में लिप्त कुचियो ने तो राष्ट्रध्वज को भी नही बख्शा,और इसी के नीचे अंडा – बिरयानी की दुकान को आड़ बनाकर 34 ( 2) का आरोपी शराब के अवैध कारोबार को गति प्रदान कर रहा है। जहां शराब के शौकीनो को मौके पर ही पानी ,चखना और डिस्पोजल जैसी सामग्री आसानी से उपलब्ध करा दी जाती है।कुछ शौकीन तो ऐसे भी हैं जो मौके पर ही फटाफट पैग मार नौ – दो ग्यारह हो जाते हैं। जिसके चलते आए दिन यहां विवाद की स्थिति भी निर्मित होती है।
आखिर क्यों मेहरबां है आबकारी ..? — हाल ही में समनापुर शराब दुकान का एक वीडियो भी वायरल हुआ ,जिसमे क्रेता और शराब दुकान के कर्मचारी के बीच शराब के मूल्य को लेकर नोक – झोंक हो रही है।
और स्पष्ट है की क्रेता ने ही यह वीडियो भी वायरल किया है ,जिसमे वह निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य में विक्रय किए जाने का विरोध कर रहा है। और विक्रेता बारंबार आबकारी विभाग की ओर इशारा कर रहा है।लेकिन क्रेता का कहना है की उसे आबकारी से कोई लेना देना नही ,शराब निर्धारित मूल्य पर ही मिलना चाहिए।ज्ञात हो की समनापुर शराब दुकान में निर्धारित मूल्य से ऊपर ऊंचे दामों में शराब का विक्रय किया जा रहा है। जिसकी जानकारी जिले के आबकारी अमले को भी है।
होटल – ढाबों पर भी हो निगरानी — आज से पहले भी हमने यह जानकारी अपने पाठकों से साझा की थी कि शहर के आसपास स्थित होटल ढाबों को भी अघोषित बार या अहाते का रूप दिया जा रहा है।जहां नॉनवेज और वेज की आड़ में यह व्यापार काफी फल फूल रहा है।ऐसी स्थिति में जिम्मेदारों को चाहिए की वह समय – समय पर इन होटल ढाबों पर भी दबिश देते रहे । क्यों की दिन की बजाए इन स्थानों पर ज्यादा रस होता है और देर रात तक इन होटल – ढाबों में जाम छलकाए जाते हैं।
डिण्डौरी से वरिष्ठ पत्रकार राजेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट
