रक्षाबंधन से पहले डिण्डौरी पुलिस का जनता को तोहफा: 134 गुमे मोबाइल फोन बरामद कर लौटाए, 2024 से अब तक 800 मोबाइलों की रिकवरी

रक्षाबंधन से पहले डिण्डौरी पुलिस का जनता को तोहफा: 134 गुमे मोबाइल फोन बरामद कर लौटाए, 2024 से अब तक 800 मोबाइलों की रिकवरी

डिण्डौरी। रक्षाबंधन से पहले डिण्डौरी पुलिस ने आम जनता को एक खास तोहफा देते हुए गुम हुए 134 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को वापस सौंपे। यह पहल डिंडोरी पुलिस की तकनीकी दक्षता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गई है।

जिन थानों से मोबाइलों की बरामदगी की गई है,उनमें थाना कोतवाली डिण्डौरी से 42 मोबाइल, शहपुरा से 27 मोबाइल, समनापुर से 25 मोबाइल, गाड़ासरई से 12 मोबाइल, मेंहदवानी से 11 मोबाइल, करंजिया से 11 मोबाइल, बजाग से 05 मोबाइल और शाहपुर से 01 मोबाइल शामिल हैं। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत ₹24 लाख रुपये आंकी गई है।

टेक्नोलॉजी बनी सहारा:
डिण्डौरी पुलिस ने यह सफलता CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) के माध्यम से प्राप्त की, जिसमें IMEI नंबर की सहायता से गुम हुए मोबाइलों की ट्रैकिंग कर उन्हें संबंधित थानों द्वारा बरामद किया गया।

प्रदेश में दूसरा स्थान:
मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी मोबाइल रिकवरी रैंकिंग में डिण्डौरी जिला पूरे प्रदेश में द्वितीय स्थान पर रहा है। वर्ष 2024 से अब तक कुल 800 मोबाइल फोन पुलिस द्वारा बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹1.40 करोड़ रुपये से अधिक है।

प्रशंसा और मुस्कान:
गुम मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे पर साफ़ मुस्कान और संतोष देखा गया। लोगों ने पुलिस विभाग के इस प्रयास की सराहना की और आभार व्यक्त किया।

इनकी रही विशेष भूमिका:
इस कार्य में समस्त थाना/चौकी प्रभारियों के साथ-साथ तकनीकी दक्षता से काम कर रहे कर्मचारियों –
प्रआर. मुकेश प्रधान, कपिल चौधरी, आर. श्याम तिवारी, राम सिंह, सुनील पट्टा, गोविंद चैरे, रामनंदन सनोडिया, आर. शिवपाल, आर. रविंद्र कुम्हरे, एवं जगदीश प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

गुम हुए मोबाइल के लिए क्या करें?
यदि आपका मोबाइल फोन खो गया है या चोरी हो गया है, तो आप नीचे दिए गए सरल चरणों से शिकायत दर्ज कर सकते हैं: CEIR पोर्टल पर जाएं, “Block your lost/stolen mobile” विकल्प चुनें, अपनी FIR की कॉपी, मोबाइल इनवॉइस, और पहचान पत्र अपलोड करें, मोबाइल का IMEI नंबर भरें (जो फोन के बॉक्स या बिल पर होता है),आवेदन सबमिट करें ।

ध्यान दें:
मोबाइल मिलने के बाद पोर्टल पर जाकर उसे Unblock भी करना न भूलें।

रक्षाबंधन से पहले डिण्डौरी पुलिस का यह कार्य न सिर्फ तकनीक आधारित कानून व्यवस्था की सफलता है, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास को और भी मज़बूत करने वाला कदम है।

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