“देशी स्वाद खाना खजाना” ढाबे पर प्रशासनिक जांच, अवैध गतिविधि का आरोप निराधार निकला

 


???? “देशी स्वाद खाना खजाना” ढाबे पर प्रशासनिक जांच, अवैध गतिविधि का आरोप निराधार निकला

डिण्डौरी/अमरकंटक रोड।
अमरकंटक रोड पर स्थित “देशी स्वाद खाना खजाना” ढाबे में शुक्रवार को पुलिस और आबकारी विभाग का संयुक्त अमला अचानक पहुंचा। अधिकारियों ने ढाबे में सघन जांच की, लेकिन कोई भी अवैध गतिविधि नहीं पाई गई। लगातार की जा रही शिकायतों के बावजूद जांच एजेंसियों को आज तक कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है।

https://youtu.be/RqU-FyMSmZU

ढाबा संचालक रमाकांत साहू ने बताया कि यह ढाबा उन्होंने इनायत खोखर एवं उनकी पत्नी सहजादी बेगम से किराए पर लिया था। ₹50,000 पगड़ी और ₹2,000 मासिक किराए पर सहमति बनी थी। इसके अतिरिक्त ₹3,000 प्रतिमाह अतिरिक्त पगड़ी के रूप में देने का भी मौखिक करार हुआ था। लिखित एग्रीमेंट किए जाने की बात कही गई थी, परंतु अब तक एग्रीमेंट नहीं किया गया है।

रमाकांत साहू का कहना है कि उन्होंने ढाबे में लाखों रुपये का निवेश किया है। अब मकान मालिक जबरन दुकान खाली करवाना चाहते हैं और झूठे आरोपों के जरिए मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इनायत खोखर द्वारा फॉरेस्ट कर्मचारियों को साथ लाकर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है, जिसकी वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं

संचालक ने बताया कि पुलिस और आबकारी विभाग कई बार जांच कर चुके हैं, लेकिन हर बार ढाबा पूर्ण रूप से वैध और साफ-सुथरा पाया गया है। रमाकांत साहू ने कहा, “मुझे देश की न्याय व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास है। यदि मकान मालिक बेदखली चाहते हैं तो उन्हें न्यायालय की प्रक्रिया का पालन करना होगा। मैं किसी भी हालत में अवैध दबाव में आकर ढाबा खाली नहीं करूंगा।”

उन्होंने आगे कहा कि ढाबे में धार्मिक यात्रियों और परिक्रमा वासियों को निःशुल्क चाय और अल्पाहार भी उपलब्ध कराया जाता है। धार्मिक आयोजन, कन्या भोज और भंडारे आदि भी यहां नियमित रूप से किए जाते हैं।

ढाबा संचालक ने पुलिस प्रशासन से झूठी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है और कहा है कि यदि ऐसे ही झूठे आरोप लगाए जाते रहे, तो वे न्यायालय की शरण में जाएंगे


 

Leave a Comment