
मामला शहपुरा जनपद पंचायत क्षेत्र का


शहपुरा डिण्डौरी। शासन के आदेश अनुसार दिनांक 17 जून 2025 को सचिव श्री गेंद लाल झारिया का स्थानांतरण ग्राम पंचायत बांकी से ग्राम पंचायत संग्रामपुर किया गया है सचिव गेंद लाल झारिया के पास ग्राम पंचायत बांकी के साथ-साथ ग्राम पंचायत गणेशपुर का अतिरिक्त सचिव प्रभार था स्थानांतरण आदेश के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत शहपुरा के द्वारा दिनांक 4 जुलाई 2025 को भार मुक्त करते हुए नवीन स्थानांतरित ग्राम पंचायत में उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया गया था दिनांक 5 जुलाई 2025 को गेंदलाल झारिया के द्वारा ग्राम पंचायत संग्रामपुर में उपस्थिति दी गई एवं ग्राम पंचायत गणेशपुर में स्थानांतरण आदेश अनुसार सचिव तोषल प्रसाद साहू द्वारा उपस्थिति दी जा चुकी है उसके बाद भी भार मुक्त आदेश उपरांत भी सचिव गेंदलाल झारिया के द्वारा सामग्री सप्लायर श्री राम तिवारी ट्रेडर्स से मिलीभगत कर स्टाप डैम गेट के नाम पर 12 जुलाई 2025 को 40700 रुपए का भुगतान फर्जी तरीके से किया गया है इससे प्रतीत होता है कि सप्लायर और सचिव की सांठगांठ से फर्जी बिल बनाकर फर्जी भुगतान किया गया है। वहीं ग्राम पंचायत बांकी से स्थानांतरण भार मुक्त आदेश के बाद दिनांक 09/07/2025 को सीसी सड़क की सामग्री भुगतान के साथ साथ 60000 रूपए का अन्य व्यय का भुगतान किया गया है।
अब सवाल यहां पर यह उठता है कि जब सचिव का ट्रांसफर कर दिया गया था तो उसकी DSC क्यों बंद नहीं किया गया। इससे साफ़ जाहिर होता है कि इसमें जनपद पंचायत शहपुरा के जिम्मेदारों की भी मिलीभगत होगी !
