

जब प्रतिवेदन में 300 वर्गफिट तो कार्यवाही लगभग 600 वर्गफिट में क्यों..? और किसके इशारे पर..?
वरिष्ठ पत्रकार राजेश विश्वकर्मा की कलम से
डिण्डौरी। लगभग एक सप्ताह पूर्व ही जिला मुख्यालय में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने की कवायद में प्रशासनिक महकमे द्वारा संयुक्त रूप से अब तक की सबसे बड़ी अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलाई गई थी , जिसमे स्पष्ट तौर पर यह देखने में आया था कि कार्यवाही में भेदभाव कर रसूखदारों को राहत देते हुए चाय – पान के ठेलो पर बुल्डोजर चढ़ा दिया गया था, लेकिन इसी बीच एक ऐसी कार्यवाही भी देखने में आई , जिसमें प्रशासनिक महकमे की भूमिका सवालों के दायरे में खुद ब खुद आ गई,और वह कार्यवाही थी पांडे भोजनालय के वर्षों पुराने भवन को जमीदोज करने की,जो कि तहसीलदार डिंडोरी की देखरेख में की गई थी।, क्यों और कैसे ..? चलिए हम आपको बताते हैं।
300 वर्गफूट से था बेदखली आदेश — न्यायालय तहसीलदार डिंडोरी से ग्राम सबखार माल प.हल्का नंबर 68 रा. नि. म . डिंडौरी से अशोक पांडेय पिता राजकुमार पांडेय निवासी ग्राम सुबखार के लिए जो बेदखली आदेश 05/02/2024 को जारी किया गया था,उसमें न्यायालय के प्रचलित प्रकरण क्रमांक 0049/अ – 68/ 2023 – 24 में पारित आदेश में भू – राजस्व संहिता का दोषी पाते हुए 2000 रूपये मात्र के अर्थदंड से दंडित कर प्रश्नाधीन शासकीय भूमि खसरा नंबर 43/2 रकबा 2.428 के अंश भाग 15* 20 = 300 वर्गफिट से बेदखल करने का आदेश पारित करते हुए खाली करने के लिए तीन दिवस की समयावधि दी गई थी।
01/04/2024 को जारी हुआ था स्थगन – इसी कड़ी में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डिंडोरी,जिला डिंडोरी का एक स्थगन आदेश भी हमे प्राप्त हुआ जिसमें अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने पत्र क्रमांक / /प्रवा -01/अ. वि. अ/2024 डिंडोरी ,दिनांक 01/04/024 प्र . क्र./अपील/2023 – 24 अशोक पांडे वि. मध्य प्रदेश शासन ग्राम सुबखार को लेकर जिले के युवा अधिवक्ता सम्यक जैन द्वारा अपील प्रस्तुत की गई थी, जिसमें अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने समस्त दस्तावेजो साक्ष्यों के अवलोकन पश्चात म. प्र. भू.राजस्व संहिता 1959 की धारा 52 ( आदेशों के निष्पादन को रोका जाना) का प्रयोग करते हुए न्यायालय तहसीलदार के पारित आदेश 05 /02/2024 के क्रियान्वयन पर प्रकरण के निराकरण तक स्थगन आदेश जारी किया गया था।
संदिग्ध है राजस्व निरीक्षक मंडल डिंडोरी की भूमिका — 30 जनवरी 2024 को तहसीलदार डिंडोरी द्वारा रा. प्र. क्र.0049/अ – 68/ 2023 – 24 मध्य प्रदेश शासन जरिये हल्का पटवारी क्र 68 बनाम अशोक पांडेय पिता राजकुमार पांडेय को म . प्र.भू -राजस्व संहिता 1959 की धारा 248/1 के तहत अंतिम नोटिस तामील किया गया। जिसमे राजस्व निरीक्षक मंडल डिंडोरी के प्रस्तुत प्रतिवेदन का जिक्र करते हुए लेख किया गया है कि उक्त भूमि मध्य प्रदेश शासन महाप्रबंधक राज्य परिवहन निगम भोपाल हाल जिला परिवहन कार्यालय डिंडोरी के नाम दर्ज है।जिसकी 15 *20 = 300 वर्गफिट भूमि पर अशोक पांडेय द्वारा खपरैल मकान बनाकर अतिक्रमण करते हुए होटल व्यवसाय किया जा रहा है। जिसमे म . प्र. भू – राजस्व की धारा 248 (1) के तहत अंतरिम आदेश दिनांक 19/01/24 का हवाला दिया गया है।
आबादी भूमि पर बनी पांच मंजिला का क्या…? – जब राजस्व निरीक्षक मंडल डिंडोरी लगभग तीस वर्षों पुराना अतिक्रमण नजर आ गया तो अखबारी सुर्खियों में बना पांच मंजिला भवन क्यों नजर नहीं आ रहा..? ,जो की पुरानी डिंडोरी कंपनी चौक में बनकर तैयार है,अतिक्रमण विरोधी मुहिम में इसे भी तो लिया जा सकता था, फिर शहर की आबादी भूमि पर और भी ऐसे ही कितने अतिक्रमण है ,जिन पर शासन हित में नोटिस तामील कर कार्यवाही की जा सकती थी। फिर पांडे भोजनालय पर कार्यवाही के बाद ढाई लाख की रकम भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, और जनता भी इस रकम का रहस्य जानने बेकरार है। और फिर नगरवासी भू – धारणाधिकार में किए गए घोटाले का सच जानने को भी आतुर हैं।
किस इरादे से तोड़ा बाकी का कब्जा …? — सवाल तो यह भी है कि जब राजस्व निरीक्षक मंडल ने 15*20 = 300 वर्गफिट में अतिक्रमण का प्रतिवेदन तैयार किया था,तो बुल्डोजर आधे हिस्से की बजाय पूरे हिस्से में क्यों चला…? जबकि पांडे भोजनालय का कब्जा तकरीबन 30 – 35 वर्षों से लगभग 600 वर्गफिट में था। सवाल इसलिए भी वाजिब है की अतिक्रमण की कार्यवाही के चार रोज बाद ही व्यक्ति विशेष द्वारा बाउंड्रीबाल तैयार कर बाकी का हिस्सा भी अपने कब्जे में ले लिया गया। तो क्या तहसीलदार ने प्रशासनिक महकमे की मौजूदगी में राजस्व निरीक्षक मंडल डिंडोरी के प्रतिवेदन में दर्शाए एरिया से बाहर व्यक्ति विशेष को लाभान्वित करने की मंशा से सारा का सारा अतिक्रमण हटा दिया …? लिहाजा देखना दिलचस्प होगा की मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासनिक महकमा क्या एक्शन लेता है..?
इनका कहना है…
प्रतिवेदन तो मैने तैयार किया था,और सामने का हिस्सा छोड़ बाकी आधा तिवारी जी के हिस्से में था और आधा परिवहन विभाग के,कार्यवाही से मेरा कोई लेना देना नहीं है
जितेंद्र रजक ( प्रभारी ,राजस्व निरीक्षक, डिंडोरी)
हमारे द्वारा भोजनालय को हटाने पत्राचार किया गया था
अनिमेष गढ़पाले ( प्रभारी परिवहन अधिकारी ,जिला – डिंडोरी)
प्रतिवेदन में शासकीय भूमि में अतिक्रमण का बनाया गया था,उसी आधार पर वह पूरा है, और बेदखली की गई है। बाकी बाउंड्रीबाल का निर्माण उसी कब्जे में किया जा रहा है तो मैं दिखवा लेता हूं।
पंकज नयन तिवारी ( तहसीलदार ,डिंडोरी)
300 वर्गफिट की जानकारी तो है,लेकिन आपके माध्यम से जानकारी आ रही है की वहां बाउंड्रीबाल तैयार की जा रही है,जिसे में दिखवाता हूं.।
रामबाबू देवांगन ( अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डिंडोरी)

