
ना तो विभागीय अनुमति और ना ही रजिस्ट्रीकरण,फिर भी दनादन हो गई प्लाटिंग
वरिष्ठ पत्रकार राजेश विश्वकर्मा की कलम से
डिण्डौरी — यदि आप भी अपने सपनो का आशियाना बसाने व्याकुल है ,तो जरा इस खबर पर विशेष गौर फरमाने की आवश्यकता है,क्यों कि बीते कुछ वर्षों में नगरीय क्षेत्र सहित आसपास बड़ी तादाद में ऐसी कॉलोनियां विकसित कर दी गई,जहा ना तो बिजली ,पानी ,सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं है और ना ही जल निकासी जैसी कोई व्यवस्था। लिहाजा इसका खामियाजा बाद में क्रेताओं को भुगतना पड़ता है और क्रेता अपने आपको ठगा सा महसूस करता है।
हाल फिलहाल आज हम आपको ऐसे ही एक मामले से रूबरू कराने जा रहे है,जिसमे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रामबाबू देवांगन ने पत्र क्रमांक /प्रवा – 1/अ. वि. अ./142/डिंडोरी, दिनांक 07/05/2024 के माध्यम से किरण खनूजा पति ज्ञानचंद खनूजा को तहसीलदार से मौका जांच प्रतिवेदन प्राप्ति पश्चात ,जिसमे तहसीलदार ने प्रतिवेदीत किया है कि मौजा डिंडोरी प. ह. न .67 रा. नि. म.डिंडोरी तहसील व जिला डिंडोरी स्थित भूमि खसरा नंबर 273/1/6 रकबा 0.9800 हे. भूमि में से विक्रय किए गए भूखंड विक्रय संख्या 11 पर किरण खनूजा पति ज्ञानचंद खनूजा निवासी ग्राम डिंडोरी तहसील व जिला डिंडोरी के द्वारा अवैध रूप से कॉलोनी निर्माण किया जाना पाया गया है,और विक्रेताओं द्वारा उक्त भूमि का विक्रय करने की अनुमति नहीं ली गई है।और आवेदित भूमि पर भू – खंड को छोटे – छोटे टुकड़ों में विक्रय कर अवैध कॉलोनी का निर्माण किया गया है।
ना ही अनुमति और ना ही रजिस्ट्रीकरण — पत्र में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रामबाबू देवांगन ने स्पष्ट उल्लेख किया है की संबंधित द्वारा कॉलोनी विकास के संबंध में ना तो अनुमति ली गई है और ना ही कालोनाइजर रजिस्ट्रीकरण कराया गया है। जो कि कॉलोनाइजर एक्ट के विरुद्ध एवं अवैध कॉलोनी की श्रेणी में आता है। पत्र के अंत में संबंधितों को अपना जवाब प्रस्तुत करने 16/05/2024 को दोपहर 12 बजे कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष पेश होने का जिक्र भी है।
नही हो रहा नियमो का पालन — पत्र के प्रारंभ में ही इस बात का लेख किया गया हैं कि मध्य प्रदेश नगर पालिका ( कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बधन तथा शर्ते ) नियम 1998 के नियम 10 में नगरीय क्षेत्र में कॉलोनाइजर द्वारा विकसित की गई कालोनियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं निम्न वर्ग के लिए भू – खंडों /भवनों को आरक्षित रखने एवं उपयुक्त हितग्राहियों को आवंटित करने के प्रावधान रखे गए थे। इसी तरह दिनांक 13 जनवरी 2022 से प्रचलित मध्य प्रदेश नगर पालिका कॉलोनी विकास नियम 2021 के नियम 10 में ऐसे वर्गों के लिए भूखंडों ,भवनों को आरक्षित रखने एवं नियम 11 में इनके विक्रय के लिए नीति निर्धारित की गई है।
इन्हें भी किया गया था चिन्हित — सूत्रों की माने तो तत्कालीन तहसीलदार द्वारा अप्रैल 2023 में ऐसे ही कालोनाइजर को चिन्हित कर चिन्हित भूमियो पर हो रहे क्रय विक्रय को प्रतिबंधित किए जाने एवं निर्मित कालोनी को अवैध कॉलोनी की श्रेणी में तत्काल घोषित किए जाने का जिक्र अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को पत्राचार किया गया था,जिनमे भूमि स्वामी किरण / ज्ञानचंद खनूजा, नितिल जैन / राजेन्द्र कुमार, नितिल जैन / राजेन्द्र कुमार, किरण / शोभाराम ,लोकेश खैरवार /हरि,आरती कटारे / नरेन्द्र कटारे,किरण खनूजा / ज्ञानचंद्र खनूजा, चैतू सिंह/बच्चू सिंह , आशीष कुमार / आनंद जैन, रामप्रभा/बिंदा प्रसाद ,पंकज कुमार / प्रकाशचंद जैन,अमीन / अफजल, बद्रीप्रसाद / सीताराम ,हरीशवाज, जानकी बाई/फुल्लू यादव वगै०, प्रीति सोनी / सुरेश सोनी, मनीष राय / डी. के. राय वगै०,रंजीत सोनी / रमाकांत,मायाराम / लालराम वगै०,मतर्वाश्य धपसव चमरू वगै०,अनिल सोनी / अमृतलाल वगै०, लोकेश खैरवार / हरिनारायण,
इनका कहना है —
शासन की मंशा है की नगरीय एवं नगर पालिका क्षेत्र के आसपास के क्षेत्रों में जो एरिया होता है,जनरली यहां पर कॉलोनियों का निर्माण होता है,ऐसी भी कालोनियां हमारे संज्ञान में आती है जो बगैर किसी परमिशन और नियम के कॉलोनी का निर्माण करते है,और उनको बेचते है।और हमने पूरी टीम को पत्राचार कर ऐसी कॉलोनियों की सूची तहसीलदार के माध्यम से हमारे पास आई है,लगभग 25 ऐसे कॉलोनाइजर ऐसे है जिन्होंने अवैध प्लाटिंग की हुई है,वो कॉलोनाइजर एक्ट 1998 की धाराओ के तहत हमने 8 तारीख को ऐसे कॉलोनाइजर को नोटिस जारी किया है और 18 मई को सभी को आमंत्रित किया है, कि वह अपने दस्तावेज लेकर उपस्थित हो ताकि हम आगे की अग्रिम कार्यवाही कर सके।
रामबाबू देवांगन ( अनुविभागीय अधिकारी राजस्व,डिंडोरी)
